राजस्थान सरकार की ओर से चलाई जा रही ग्रामीण पशुपालकों की सबसे लोकप्रिय योजना एक बार फिर सुर्खियों में है। राज्य में दुग्ध उत्पादन और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई Gopal credit card Yojana अब हजारों गोपालक परिवारों की आय बढ़ाने में मदद कर रही है। इस स्कीम के तहत समय पर लोन चुकाने पर ब्याज नहीं देना पड़ता, जिससे छोटे किसानों और पशुपालकों को बड़ी राहत मिलती है। राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में बढ़ते पशुपालन कारोबार और सरकार के सहकारी तंत्र से मिलने वाले इन लाभों की वजह से यह योजना आज भी Trending बनी हुई है।
क्या है Gopal credit card yojana
राजस्थान सरकार द्वारा 28 अगस्त 2024 को शुरू की गई यह स्कीम शुरुआत से ही ग्रामीण पशुपालकों के लिए राहत लेकर आई। इस योजना का मुख्य लक्ष्य राज्य में गाय-भैंस पालने वाले छोटे व मध्यम गोपालकों को आर्थिक सहारा देना है। यह स्कीम उन परिवारों के लिए काफी उपयोगी है, जिन्हें चारा खरीदने, पशु दवाइयों, उपकरण, शेड निर्माण या डेयरी से जुड़े खर्चों के लिए तुरंत पैसों की जरूरत पड़ती है।
राजस्थान के cattle farmers loan विकल्पों में यह योजना आज सबसे भरोसेमंद मानी जा रही है, क्योंकि यहां आवेदन प्रक्रिया सरल है और लोन मंजूरी भी तेजी से होती है। सरकार के अनुसार पहले चरण में 5 लाख से अधिक परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था, और अब तक 400 करोड़ से अधिक का लोन बांटा जा चुका है। योजना का एक बड़ा फायदा यह है कि समय पर लोन चुकाने पर किसी तरह का ब्याज नहीं देना पड़ता। इससे पशुपालकों की आर्थिक स्थिति सुधरती है और उन्हें व्यवसाय बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है।
लाभ और फीचर्स: क्यों खास है यह योजना?
राजस्थान में चल रही इस स्कीम के लाभ इतने स्पष्ट हैं कि ग्रामीण परिवारों में इसका उपयोग लगातार बढ़ रहा है। इस योजना के तहत गोपालकों को interest-free loan Rajasthan के रूप में 1 लाख रुपये तक की राशि मिलती है। यह लोन 12 महीने के अंदर चुकाना होता है।
सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया है और CIBIL Score कम होने पर भी पात्र गोपालक इस योजना का फायदा उठा सकते हैं। यह उन ग्रामीण परिवारों के लिए बड़ी राहत है, जो बैंक लोन के लिए सामान्य प्रक्रिया में आगे नहीं बढ़ पाते।
इस लोन का उपयोग कई तरह के कामों के लिए किया जा सकता है—
• पशु शेड का निर्माण
• चारा भंडारण
• दूध निकालने के उपकरण
• दवाइयों, टीकाकरण और पशु देखभाल
• डेयरी संबंधित उपकरण
• पशुपालन विस्तार की गतिविधियाँ
योजना का बड़ा लक्ष्य पशुपालकों की आय बढ़ाकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। हाल के अपडेट्स के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में इसकी डिमांड लगातार बढ़ रही है, खासकर छोटे और महिला गोपालकों में।
योजना की पात्रता और जरूरी दस्तावेज
यह योजना पूरी तरह राजस्थान के ग्रामीण और शहरी पशुपालकों के लिए है। इसका फायदा कोई भी व्यक्ति उठा सकता है जो गाय-भैंस का पालन करता है और नियमित रूप से दूध उत्पादन या पशुपालन के व्यवसाय में जुड़ा है।
योजना में शामिल होने के लिए कुछ बेसिक शर्तें पूरी करनी जरूरी हैं—
• आवेदक राजस्थान का मूल निवासी हो
• उसके पास खुद के पशु (गाय या भैंस) हों
• पशुपालन में कम से कम 2 वर्ष का अनुभव हो
• पहले से कोई बड़ा लोन बकाया न हो
• दो व्यक्तियों की गारंटी जरूरी है
• कम CIBIL Score के बावजूद आवेदन किया जा सकता है
जरूरी दस्तावेज —
• जनआधार
• आधार कार्ड
• पासपोर्ट साइज फोटो
• SSO ID
• बैंक विवरण
• पशुओं की संख्या और शेड-चारा की जानकारी
• गारंटर के पहचान पत्र
ये दस्तावेज आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाते हैं और बैंक को पात्रता तय करने में मदद करते हैं।

कैसे करें आवेदन? पूरी स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
योजना की आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है, जिससे ग्रामीण परिवार घर बैठे भी आवेदन कर सकते हैं। कई सहकारी समितियों और जिला सहकारी बैंकों ने भी आवेदन में मदद के लिए सेंटर स्थापित किए हैं।
अगर आप आवेदन करना चाहते हैं तो प्रक्रिया इस तरह है—
- राज-सहकार के “अधिकाधिक पोर्टल” पर जाएं
- जनआधार आईडी के जरिए लॉगिन करें
- आवेदन फॉर्म में सभी जानकारी भरें
- दस्तावेज अपलोड करें
- फॉर्म सबमिट करें
फॉर्म सबमिट होने के बाद दस्तावेजों की जांच होती है। फिर लोन मंजूर होते ही पैसा सीधे बैंक खाते में भेज दिया जाता है।
हेल्पलाइन
• ई-मेल – reg.coop@rajasthan.gov.in
• फोन – 0141-2740045, 2740737
लोन कब मिलेगा और स्टेटस कैसे चेक करें?
आवेदन सबमिट होने के बाद कुछ दिनों में दस्तावेज जांच की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। सही दस्तावेज मिलने पर लोन मंजूर कर दिया जाता है और राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
स्टेटस देखने के लिए—
- अधिकाधिक पोर्टल पर जाएं
- Citizen Corner पर क्लिक करें
- “गोपाल क्रेडिट कार्ड पंजीकरण स्थिति देखें” चुनें
- जनाधार नंबर डालें
इस तरह आपका पूरा एप्लीकेशन स्टेटस दिखाई देगा।
सिबिल स्कोर
इस योजना की खास बात यह भी है कि 600 से कम CIBIL Score होने पर भी पशुपालक लोन प्राप्त कर सकते हैं। इसलिए यह स्कीम गांवों में तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
FAQs:
1. कौन फायदा ले सकता है?
राजस्थान में रहने वाला कोई भी पशुपालक जिसके पास गाय या भैंस है, वह योजना का फायदा ले सकता है।
2. कितना लोन मिलता है?
अधिकतम 1 लाख रुपये।
3. ब्याज लगेगा?
नहीं, समय पर चुकाने पर कोई ब्याज नहीं लगता।
4. क्या महिलाएं आवेदन कर सकती हैं?
हाँ, महिला गोपालकों के लिए यह योजना विशेष रूप से लाभदायक है।
5. पैसा कब मिलता है?
लोन मंजूरी के तुरंत बाद राशि खाते में जमा हो जाती है।
निष्कर्ष:
राजस्थान में चल रही यह योजना छोटे व मध्यम पशुपालकों के लिए बड़ी राहत है। इससे पूंजी की कमी दूर होती है, पशुपालन में सुधार आता है और दूध उत्पादन बढ़ता है। इस योजना ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई है।
सही तरह से आवेदन करने पर यह योजना पशुपालकों को आर्थिक स्वतंत्रता देती है और उन्हें अपने व्यवसाय को बढ़ाने का मौका प्रदान करती है। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले वर्षों में यह स्कीम और भी महत्वपूर्ण बन सकती है क्योंकि पशुपालन ग्रामीण आय का सबसे स्थिर स्रोत माना जाता है।
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