Bihar Krishi Input Anudan Yojana 2025 के तहत राज्य के लाखों किसानों को बड़ी राहत दी गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को 2 लाख 41 हजार किसानों के खाते में 113 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। यह पैसा उन किसानों को मिला है जिनकी खरीफ की फसल इस साल की भारी बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हो गई थी। सरकार की यह पहल ऐसे वक्त पर आई है जब किसान फसल नुकसान की वजह से आर्थिक संकट में थे। इस योजना के ज़रिए सरकार ने फिर से किसानों को खेती के लिए आर्थिक मजबूती और भरोसा दिया है।
Bihar Krishi Input Anudan Yojana 2025: किसानों के लिए राहत की नई किरण
राज्य के कई हिस्सों में इस साल अत्यधिक बारिश और बाढ़ की वजह से फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गईं।सरकार ने किसानों के दर्द को समझते हुए कृषि इनपुट अनुदान योजना (Krishi Input Anudan Yojana) के तहत मुआवजा देने का फैसला किया। इस योजना में बिहार सरकार किसानों को उनके फसल नुकसान के अनुपात में पैसा देती है ताकि वे अपनी अगली फसल की तैयारी कर सकें। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस योजना की राशि जारी की और कहा कि “किसान हमारे समाज की रीढ़ हैं। उनकी फसल सुरक्षित रहनी चाहिए, और जब फसल को नुकसान हो, तो सरकार उनके साथ खड़ी है।”
| श्रेणी | प्रति हेक्टेयर राशि | अधिकतम सीमा | न्यूनतम राशि |
|---|---|---|---|
| असिंचित क्षेत्र (Unirrigated Land) | ₹8500 | 2 हेक्टेयर | ₹1000 |
| सिंचित क्षेत्र (Irrigated Land) | ₹17000 | 2 हेक्टेयर | ₹2000 |
इसका मतलब है कि जिन किसानों की भूमि सिंचित है, उन्हें अधिकतम ₹34,000 तक का लाभ मिला है।
सरकार की ओर से जारी ₹113 करोड़ सीधे किसानों के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के ज़रिए भेजे गए हैं।
किन किसानों को मिला योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिला है जिन्होंने:
- 22 अगस्त से 05 सितंबर 2025 के बीच आवेदन किया था
- जिनकी खरीफ फसल को बाढ़, बारिश या ओलावृष्टि से नुकसान पहुंचा था
- जिनका रजिस्ट्रेशन dbtagriculture.bihar.gov.in वेबसाइट पर है
- बिहार के जिन जिलों में गंगा, कोसी और बागमती नदी का जलस्तर बढ़ा, वहां फसलें पूरी तरह से डूब गई थीं। इन्हीं जिलों के किसानों को इस योजना का फायदा दिया गया है।